March 14, 2026

समाज

सरोला कार्य की सदा रही है प्रासंगिकता

सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ इक्यावन वर्षों से कर रहे हैं सरोला (रसोया) का कार्य। गर्मी हो या बरसात, सीत या...

दानवीर ठा० वीर सिंह कंडारी

सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ महान पुरुष कारखानों में उत्पन्न नहीं होते हैं। वे बांज के वृक्षों के समान स्वत:स्फूर्त पैदा...

सिद्ध शक्ति पीठ मां सुरकंडा देवी

सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ पुराण प्रसिद्ध मां सुरकंडाश्वरी का मंदिर आदिकाल से शीर्ष सकलाना चोंटी पर स्थापित है। मान्यताओं के...

प्रीतम भरतवाण जागर ढोल सागर इंटरनेशनल एकेडमी

दिनेश शास्त्रीकान थक गए थे, तब से जब से उत्तराखण्ड ढोल संस्थान की स्थापना की बात सुन रहे थे। संस्कृति...

टिहरी रियासत में जब रेडियो आया

प्रस्तुति - रामचन्द्र नौटियाल बात 1935 की है, रियासत टिहरी पर महाराजा नरेन्द्रशाह का शासन था। रियासत भर में महाराजा...

सकलाना के अंतिम मुआफीदार राजीव नयन सकलानी

सोमवारी लाल सकलानी ‘ निशांत’ सकलाना मुआफीदारी का अंत हो जाने के बाद, तत्कालीन सीनियर मुआफीदार श्री राजीव नयन सकलानी...

बोया पेड़ बबूल का

वीरेन्द्र कुमार पैन्यूली इस समय जाने अनजाने देवभूमि में लैंड जेहाद, डेमोग्राफिक चेंज जैसे शब्द राजनैतिक विमर्श की आरोप प्रत्यारोंपों...

तीरथ पर दांव – लाये तीरथ बनें आये तीरथ 

वीरेन्द्र कुमार पैन्यूली 2022 के होने वाले उत्तराखंड विधान सभा चुनावों में तो भाजपा यह अवश्य चाहेगी कि उन चुनावों में एक...

उत्तराखंड चुनावी रंग में रंगने को तैयार

महावीर सिंह जगवान    उत्तराखंड चुनावी रंग मे रंगने को है तैयार, भय भले कोरोना का हो. (more…)

मैं उत्तराखण्ड का वन हूँ, तिल तिल कर मर रहा हूँ

महावीर सिंह जगवाण   मैं उत्तराखण्ड का वन हूँ, पल पल हर पल तिल तिल कर मर रहा हूँ. (more…)

संताप संवाद क्या अरण्य रोदन ही बन जायेगा

वीरेन्द्र कुमार पैन्यूली भले ही कोई सत्ताशीन लोगों को प्रमाणों के साथ दोषी न ठहरा सके परन्तु जो दोषी हैं...

उत्तराखड क्या जनप्रतिनिधियों का प्रतिकार बना अधिकारीय व्यवहार 

वीरेन्द्र कुमार पैन्यूली राज्य बनने के समय से ही शुरू हुई उत्तराखंड में आम जनप्रतिनिधियो व कई बार मंत्रीगणो की...

पर्यावरण संरक्षण में मानवीय मूल्यों का योगदान

डॉ सुनील नौटियाल पर्यावरण आज के वैज्ञानिक युग में एक सामान्य सा कहा जाने वाला शब्द है जिसे हर कोई...

कोरोना काल: संकट में गुज्जर जनजाति

भरत पटवाल भारत प्राचीन काल से ही बहुधर्मी, बहुजातियों, उपजातियों, बहुभाषियों, सामाजिक समूहों,जनजातियों की   समृद  परम्परा वाला देश रहा है। ...

लौकडाउन में फंसे पशु व पशुचारक

जयप्रकाश पंवार 'जेपी' किसी दौर में घुमंतू पशुचारक गुज्जर अफगानिस्तान व गुजरांवाला पाकिस्तान से होते हुए पहले कश्मीर व बाद...

जहरीली शराब त्रासदी के परिपेक्ष

वीरेन्द्र कुमार पैन्यूलीउत्तराखंड आन्दोलन के सपनों को भी आघात पहुंचा है - जहरीली शराब त्रासदी के परिपेक्ष में उत्तराखण्डियों की...