March 14, 2026

समाज

जाति की जड़ता जाये तो उसके जाने का जश्न मनायें

डाॅ. अरुण कुकसाल उत्तराखंड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22...

भारतीय संस्कृति के ध्वजवाहक – आदिगुरु शंकराचार्य

सुरेन्द्र कुमार आदि गुरु शंकराचार्य का जन्म स्थान केरल का कालड़ी गांव माना जाता है। शंकराचार्य जी 8 साल की...

डाॅ. भक्तदर्शन – एक सच्चे जननेता

चारु तिवारी डाॅ. भक्तदर्शन जी की पुण्यतिथि (30 अप्रैल, 1991) पर विशेष ऐसे केन्द्रीय मंत्री जो जीवनपर्यन्त किराये के मकान...

बादी परम्परा की वाहक हिमालयी गंधर्वों के साथ एक रोमांचक सफर

कुसुम रावत आज की चखल-पखल के बीच सुनें टिहरी के इन लोक कलाकारों के सुरीले सुरों और शास्त्रीय संगीत को...

बडियारगढ़ का प्रसिद्ध घंडियाल मंदिर

देव राघवेन्द्र बद्री कहते हैं ना जहां अगाध आस्था होती है वहां भगवान प्रचंड शक्ति में विराजमान होते हैं और...

उत्तराखंड का परंपरागत रेशा शिल्प

चंद्रशेखर तिवारी प्राचीन समय में समस्त उत्तराखण्ड में परम्परागत तौर पर विभिन्न पादप प्रजातियों के तनों से प्राप्त रेशे से...

चिन्ता जनता को ही करनी होगी

रमेश पाण्डेय कृषक उत्तराखण्ड में मशीनी छेड़छाड़ और प्राकृतिक आपदाओं की तेजी से बढ़ती श्रंखलाओं को सामने रख कर तो...

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मदनमोहन उपाध्याय

चारू तिवारी बहुत हल्की सी याद है। वे एक खुली जीप में रानीखेत से द्वाराहाट आते-जाते थे। उनके बारे में...

केदारनाथ धाम: परम्परा से खिलवाड़ का नया रिवाज, आखिर क्यों ?

दिनेश शास्त्री करोड़ों करोड़ हिंदुओं की आस्था के केंद्र और 11वें ज्योतिर्लिंग भगवाब केदारनाथ के धाम में व्यवस्था तार -...