March 14, 2026

समाज

एक भूली-बिसरी प्रतिभा – गोविन्द राम काला

डॉ. योगेश धस्माना एक भूली-बिसरी प्रतिभा - गोविन्द राम काला, (जन्म 1892- निधन 1986), गढ़वाल का एक शिक्षित एवं जागृति...

एक व्यक्तित्व जो एक मिशन था-गबर सिंह राणा

गजेन्द्र रौतेला जब हम स्कूल में पढ़ते थे, तो अक्सर हमारे स्कूल में एक अधेड़ व्यक्ति जो खादी के कपड़े...

चौमासा में खत्म होती पहाड़ों की रौनक

चंद्रशेखर पैन्यूली चौमासा, बसग्याल, चतुर्मास में पहाड़ों में पहले अच्छी खासी रौनक होती थी। विशेषकर छानियों / गौटों में, लेकिन...

जिस मुंह से मैने राजा को नमस्कार कर लिया

गोविन्द प्रसाद बहुगुणा "जै बिड़ा मैं रज्जा लौं शेवा..."  (जिस मुंह से मैने राजा को नमस्कार कर लिया ..) अपने...

जीवन यात्रा – पूर्णानन्द नौटियाल

डॉ. अरुण कुकसाल 'विकट से विशिष्ट' जीवन-यात्रा- पूर्णानन्द नौटियाल (सन् 1915 - 2001) बचपन में मिले अभावों की एक खूबी...

चम्पावत का बालेश्वर मंदिर

डॉ. राकेश गैरोला चम्पावत में स्थित बालेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित प्राचीन मंदिर है। बालेश्वर मंदिर पत्थर की नक्काशी...

जौनसार बावर के पारंपरिक ऊनी वस्त्र

भारत चौहान जौनसार बावर में बर्फ में पहने जाने वाले पारंपरिक ऊनी वस्त्रl दिनों दिन जैसे-जैसे सर्दी का मौसम बढ़...

जाति की जड़ता जाये – बलदेव सिंह आर्य

डॉ. अरुण कुकसाल ‘जाति की जड़ता जाये तो उसके जाने का जश्न मनायें’ उत्तराखंड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना...

दूणागिरी-जहां हनुमान की पूजा करना वर्जित

लक्ष्मण सिंह नेगी उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में जोशीमठ का एक ऐसा गांव है, जहां त्रेता युग के बाद...

नंदा के लोकोत्सव में डूबा पहाड़

संजय चौहान भादो के महीने उत्तराखंड में हिमालय की अधिष्टात्री देवी माँ नंदा के लोकोत्सवों की अलग ही पहचान है।...