April 21, 2026

फिल्म

लोक की आत्मा और सिनेमैटिक चमक के बीच

शैलेन्द्र जोशी उत्तराखंड के लोक संगीत को सिनेमैटिक अंदाज़ में प्रस्तुत करने का चलन हाल के वर्षों में बढ़ा है।...

रिखुली – पहाड़ की सोंधी मिट्टी की खुशबुदार फिल्म

जयप्रकाश पंवार ‘जेपी’ अब उत्तराखंड की फिल्म इंडस्ट्री में स्थानीयता का पुट धीरे – धीरे ही सही, आने लगा है....

गढ़ कुमों – एक संभावना जगाती फिल्म

जयप्रकाश पंवार ‘जेपी’ उत्तराखंड की फिल्म इंडस्ट्री में आमतौर पर एक धारणा रही है कि इसके सीमित दर्शक हैं. लगभग...

उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद की शानदार पहल

कार्यालय प्रतिनिधि देहरादून स्थित एक होटल में आज उत्तराखण्ड को फिल्म निर्माण के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में...

जोना – दिलों से जुड़ती एक पहाड़ी फिल्म

जयप्रकाश पंवार ‘जेपी’ “ब्यूटी इन सिम्प्लिसिटी” यानि सहजता में सुंदरता, हाल ही में बनी गढ़वाली फ़िल्म जोना के बारे में...

पहाड़ के गांव की सच्ची कहानी है फिल्म “मेरु गौं”

जयप्रकाश पंवार ‘जेपी’ कहानी गांव की है जैसा कि फिल्म का शीर्षक है “मेरु गों” यानि मेरा गांव. ठेट पहाड़ी...

“पितृकुड़ा” – स्थानीय कथानक फिल्मों का नया दौर शुरू

जयप्रकाश पंवार ‘जेपी’ पिछले साल से उत्तराखंडी फिल्मों का एक नया दौर शुरू हुआ है, खासकर गढ़वाली फ़िल्में जो कभी...

चुपचाप चले गए उदंकार फिल्म के निर्देशक सुरेंद्र सिंह बिष्ट

दिनेश शास्त्री उत्तराखंडी सिनेमा को पहचान दिलाने के लिए शुरुआती कोशिश करने वालों में जिन लोगों की गिनती होती है,...

गढ़वाली भाषा के ‘की बोर्ड’ हैं ‘नरेन्द्र सिंह नेगी’

बीना बेंजवाल शब्दविभूति एवं लोकानुभूति के माध्यम से गढ़वाली भाषा के संरक्षण, उसके प्रचार-प्रसार में अभूतपूर्व योगदान देने वाले नरेन्द्र...

उत्तराखंडी फिल्मों का संक्षिप्त इतिहास

भीष्म कुकरेती सन 1880 में मूवी कैमरा का अन्वेषण हुआ और तभी से मूवी फिल्मो का प्रचलन भी शुरू हुआ....

उत्तराखंड के महान लोक गायक – जीत सिंह नेगी

सुरेन्द्र कुमार बहुआयामी प्रतिभा के धनी जीत सिंह नेगी (अंग्रेज़ी: Jeet Singh Negi, जन्म- 2 फ़रवरी, 1925; 21 जून, 2020)...

फिल्में सिर्फ ‘कला’ नहीं बल्कि ‘भाषा’ होती हैं

गजेन्द्र रौतेला अक्सर फिल्में और समाज एक दूसरे को आइना दिखाते हैं। फिल्मों का प्रभाव समाज पर भी होता है...