April 18, 2026

वाइल्ड वाटर वीक का समापन

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मनोज रावत 

दुनिया भर से कुछ पागल आये थे, रुद्रप्रयाग को चुपचाप बहुत कुछ देकर चले गए।

पिछले कुछ दिन ( 21- 25 नवम्बर) से रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा, मंदाकिनी ओर मध्यमहेश्वर गंगा पर चल रहे ” वाइल्ड वाटर वीक ” का समापन 25 नवम्बर को देर शाम हो गया। 3 वर्ग में हुई, इन प्रतियोगिताओं में 4 देशों के 22 कयाकर ने भाग लिया। कयाक न केवल एडवेंचर खेल है बल्कि, ” कयाक सलालम ” ओलंपिक खेल भी है जिसमें ओलंपिक खेलों में 4 स्वर्ण पदक हैं। 1 सप्ताह में इन कयाकर ने रुद्रप्रयाग जिले की 3 नदियों में रोजगार, पर्यटन औऱ ओलंपिक मेडलों की संभावनाएं तलाशी। प्रतियोगिता का आयोजन – उत्तराँचल कयाकिंग, कैनोइंग व राफ्टिंग एसोसिएशन तथा गंगा कयाक स्कूल ने मिलकर किया।

परिणाम

2 2 नवंबर, फ्री स्टाइल ट्रायल – निरवाळी गांव के नीचे, शिवनन्दी (अलकनंदा)

प्रथम – प्रमोद 
द्वितीय – अमित
तृतीय – आशु

24 नवंबर, एक्सट्रीम कयाक रेस फाइनल – स्थान मध्यमहेश्वर – मंदाकिनी गंगा संगम ( त्रिवेणी संगम ), बेडुला गांव ।

प्रथम – अयोध्या प्रसाद
द्वितीय – पमनोश रावत
तृतीय – प्रमोद

25 नवंबर -सलालम फाइनल व पुरस्कार वितरण – मंदाकिनी नदी मोनिका होटल के सामने , भटवारी, चंद्रापुरी,

प्रथम – अयोध्या प्रसाद
द्वितीय – प्रमोद
तृतीय – आशु रावत

इन युवाओं में सलभ गहलोत शिवनन्दी में गंगा कायाक स्कूल चलात्ते हैं। रमेश रावत पर्यटन से संभदित कंपनी। मलेथा के पास के अयोध्या प्रसाद स्विट्ज़रलैंड में राफ्टिंग गाइड का काम करते हैं। प्रमोद मगर आइस लैंड में , सिरशु के सोहन सिंह राणा नॉर्वे में कयाक / राफ्टिंग गाइड का काम करते हैं। उत्तराखंड के 50 के लगभग युवा दुनिया के वे देशों में कयाक / राफ्टिंग गाइड का काम करके हर महीने लाखों रुपये कमाते हैं। मुझे आशा है कि रुद्रप्रयाग के युवा भी इन युवाओं से प्रेरणा लेकर इस क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे। हमारी कायकर बिरादरी ने 2013 की आपदा के बाद चंद्रापुरी ओर अन्य स्थानों पर आवागमन के साधन सबसे पहले रिवर क्रासिंग बना कर स्तापित किये थे। विजेताओं को फ्री स्टाइल, कयाक रेस ओर सलालम में अलग अलग 3 – प्रथम, द्वितीय ओर तृतीय नगद पुरस्कार जो 15000 रुपये, 10000 रुपये व 5000 रुपये के होंगे प्रदान किए गए। ये युवा जाड़ों की हाड़ कंपाती ठंड में सुबह से लेकर रात तक मस्ती में नदी के भीतर थे। इसीलिए इनको “पागल” लिखा।

लेखक विधायक, केदारनाथ व सचिव,
उत्तराँचल कयाकिंग, कैनोइंग व राफ्टिंग एसोसिएशन।

फोटो सौजन्य – शलभ गहलोत