June 22, 2026

Uttarakhand Tourism

चौमासा में खत्म होती पहाड़ों की रौनक

चंद्रशेखर पैन्यूली चौमासा, बसग्याल, चतुर्मास में पहाड़ों में पहले अच्छी खासी रौनक होती थी। विशेषकर छानियों / गौटों में, लेकिन...

हिमाचल और लद्दाख की रोमांचक यात्रा – 5

सत्या रावत और.... दो दिन 15000 फीट की ऊंचाई पर काटने के बाद हम लोग सुरक्षित वापस लौट आए, एपिसोड-...

जिस मुंह से मैने राजा को नमस्कार कर लिया

गोविन्द प्रसाद बहुगुणा "जै बिड़ा मैं रज्जा लौं शेवा..."  (जिस मुंह से मैने राजा को नमस्कार कर लिया ..) अपने...

तोताघाटी के शिल्पी – दीवान चक्रधर जुयाल

डॉ. योगेश धस्माना ब्रिटिश उत्तराखंड में प्रथम आईपीएस चक्रधर जुयाल ने पहले 1928 में नरेंद्रनगर से ऋषिकेश और मुनीकी रेती...