कबूतरी देवी – पहाड़ की तीजन
चंद्रशेखर तिवारी आज पनि जाऊं-जाऊं, भोल पनि जाऊं-जाऊं, परसों तै न्हे जुला..... (more…)
चंद्रशेखर तिवारी आज पनि जाऊं-जाऊं, भोल पनि जाऊं-जाऊं, परसों तै न्हे जुला..... (more…)
जयप्रकाश पंवार 'जेपी' देश में तकनीकी शिक्षा के प्रति रुझान कम होना चिंता का विषय है. आजकल तकनीकी शिक्षा प्रदान...
रमेश पहाड़ी पलायन की मार से बुरी तरह पीड़ित कैलब गाँव के नौजवानों ने गाँव को पुनर्स्थापित करने और उसके...
ब्यूरो मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि उत्तराखण्ड की जल्द ही फिल्म डेस्टीनेशन के रूप में पहचान...
महावीर सिंह जगवान भारत के खुदरा ब्यापार के लिये और ब्यापारियों के लिये आँधी की तरह संकट है वालमार्ट। (more…)
ब्यूरो केदारनाथ आपदा के बाद से ही यह प्रमुख धाम राजनीती का भी प्रमुख अड्डा बन चूका है. पिछली सरकार...
कल्याण सिंह रावत प्रकृति के इस क्रूर मजाक का उत्तर किसी के पास नहीं है। केदारनाथ त्रासदी में रामबाड़ा चट्टी...
एम. पी. एस. बिष्ट दोस्तो पिछले एक हफ़्ते से नयार घाटी के भ्रमण पर था । (more…)
अरुण कुकशाल 25 साल का सफल उद्यमीय सफर 'संजीव भगत' पहाड़ के युवाओं के लिए उद्यमिता की मिशाल हैं। (more…)
अरुण कुकसाल ‘कोई स्कूल की घंटी बजा दे, ये बच्चा मुस्कराना चाहता है।’ शकील जमाली की ये इक लाईन हमारे समाज...
कल्याण सिंह रावत केदारनाथ जी को सँवारने में स्थानीय पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जनपद रुद्रप्रयाग के बड़ेथ...
कल्याण सिंह रावत हमारे गाँव के पूर्वजों ने बड़ी मेहनत से खूबसूरत बांज का जंगल तैयार करके हमें विरासत में...
अरुण कुकसाल जन-संघर्षों की अग्रणी धूमा दीदी का कहना है कि 'उत्तराखंड की राजधानी का अरुणोदय तो गैरसैंण में ही होगा,...
महावीर सिंह जगवान हमेशा की तरह सबको चौंकाते हुये श्री अनिल बलूनी जी राज्य सभा के लिये उत्तराखण्ड से प्रत्याशी...
कल्याण सिंह रावत "मैती" हजारों बसंत देख चुके ये देवदार के वृक्ष अब अंतिम सांसे गिन रहे है। आल वेदर...
अरुण कुकसाल शताब्दी पूर्व गढ़वाल-कुमांयू राजपथ का प्रमुख पड़ाव दत्ताखेत कभी था गुलजार था आज वीरान है. (more…)
वीरेन्द्र कुमार पैन्यूली कभी - कभी बच्चों से मन के लडडू का खेल खेला जाता था। खिलाने वाला उनसे कहता...
एल मोहन कोठियाल चकबन्दी आन्दोलन 4 दशक से जारी है। चकबन्दी से यहां के गावों को बसाया जा सकता है...
मनोज रावत चमोली जिले का एक कस्बा है गौचर। हर साल नवंबर में होने वाले मेले और मैदान के लिए...
रमेश पाण्डेय चारों तरफ खामोशी है। पर गांव अपनी जगह वहीं है जहां था। जाड़ों में गांव की दुकान उठने...