March 14, 2026

साहित्य

डा. शिवानंद नौटियाल – राजनीति के अजातशत्रु

डॉ योगेश धस्माना / मनोहर बिष्ट उत्तराखंड के एक ऐसे पुरोधा है, जिसने राजनीति में राष्ट्रीय फलक पर अलग छाप...

‘शिलातीर्थ’- गढ़वाल हिमालय पर यात्रा-लेखन की श्रेष्ठ पुस्तक

डॉ. अरुण कुकसाल घुमक्कड़ी विधा की अनुपम कृति ‘शिलातीर्थ’ में लेखक प्रो. चितरंजन दास मानते हैं कि आदमी में कर्मठता...

कभी – 1 मई को गुलाबराय (रुद्रप्रयाग) में मेला होता था

अरुण कुकसाल गुलाबराय आने को है और हिमाली सड़क किनारे स्थित आम के पेड़ के नीचे की एक छोटी सी...

रंवाई के देवालय एव देवगाथाएं

संजय चौहान शिक्षक, लेखक, कवि, लोकसंस्कृतिकर्मी और लोक से जुड़े दिनेश रावत की नयी पुस्तक रवाई के देवालय एव देवगाथाएं...

दारू सौत : गढ़वाली का अचर्चित कथा संग्रह

डॉ. नंद किशोर हटवाल पिछले दिनो सीमैट उत्तराखण्ड की सेवानिवृत्त अपर निदेशक शशि चौधरी जी ने मुझे गढ़वाली का एक...

प्रताप शिखर – जनसेवा का एक भगीरथ

नरेन्द्र कठैत खाड़ी! इस शब्द का उल्लेख होते ही बुद्धि सीधे बंगाल की खाड़ी दौड़ जाती है। किंतु क्षमा करें...

चिपको आन्दोलन और जंगलात प्रतिरोधों की परम्परा

अरुण कुकसाल यह किताब उस समाज को समर्पित है जो जंगलों के मायने समझता है। ‘‘यह समाज जानता है कि...

घुमक्कड़ शास्त्र राहुल सांकृत्यायन

डॉ. अरुण कुकसाल घुमक्कड़ी और घुमक्कड़ी लेखन पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शी किताब. बहुआयामी और बहुपरती प्रतिभा के धनी महापंडित राहुल सांकृत्यायन...

सादगी भरी सुन्दरता की सार्वलौकिक कहानियां

मुकेश नौटियाल जयप्रकाश पंवार ‘जेपी’ के कथा-संकलन ‘‘देवता का डांण्डा’’ की कहानियां पढ़ते हुए मुझे नोबेल सम्मान देने वाली स्वीडिश...

इतिहास बनाता ‘वाह रे बचपन’

जयप्रकाश पंवार 'जेपी' हिंदी साहित्य के विकास में प्रयोगधर्मी लेखकों ने जो योगदान दिया है, वह खासकर लेखकों की नजर...

प्रेमचन्द, गोर्की और लू शुन

अरुण कुकसाल विश्व-साहित्य के युगनायक - प्रेमचंद, गोर्की और लू शुन तीन महान साहित्यकार, कलाकार और चिंतक। जीवनभर अभावों में रहते...