March 14, 2026

पहाड़नामा

चंबा की शान – जंगलात का डाक बंग्ला

सोमवारी लाल सकलानी निशांत टिहरी रियासत कालीन युग में टिहरी नरेश ने अपनी सुविधानुसार अनेकों स्थानों पर अपनी कोठियां और...

मैती आंदोलन सात समंदर पार पहुंचा

ग्राउंड जीरो से संजय चौहान चिपको आन्दोलन ने पेड़ों और जंगलों की उपयोगिता का अहसास दिलाया। पिताजी और दादाजी भी...

उत्तराखंड में गांधी की फुलवारी

प्रमोद शाह गांधी का दर्शन सिर्फ विचारों पर केन्द्रित नही रहा, वरन समाज हितैषी रचनात्मक कार्यो से निकलने वाला विचार...

पहाड़ों के सामजिक परिवर्तक थे – सिरिल आर रैफियल

जयप्रकाश पंवार 'जेपी' उत्तराखंड के गावों के विकास के लिये अपना जीवन समर्पित करने वाले समाजसेवी सिरिल रैफियल आखिरकार 85 वर्ष...