शिक्षक की स्वास्थ्य पहल
ऍम पी एस बिष्ट सुदूर पहाड़ी गावों में स्वास्थ्य सेवाओं का अकाल है वहीँ विस्वविध्यालय के एक प्रोफेसर डॉ ऍम पी...
ऍम पी एस बिष्ट सुदूर पहाड़ी गावों में स्वास्थ्य सेवाओं का अकाल है वहीँ विस्वविध्यालय के एक प्रोफेसर डॉ ऍम पी...
महावीर सिंह जगवान समुद्रतल से 12582 फीट की ऊँचाई पर हिमालय की गोद मे स्थित चौराबाड़ी ताल (गाँधी सरोवर) जिसका...
अरुण कुकसाल समाज को जैसा देखा और समझा उन्हीं भावों को गीतों के जरिेए सामाजिक संदेश बनाने के प्रयास में...
Staff Reporter 'You may break; you may shatter the vase, if you will But the scent of the roses will cling...
इन्द्रेश मैखुरी 10 नवम्बर 1995 को श्रीनगर (गढ़वाल) के श्रीयंत्र टापू पर दो आन्दोलनकारियों यशोधर बेंजवाल और राजेश रावत की...
दिव्या झिंकवान नेगी "गोरा" को जितनी बार पढ़ती हूँ उतनी ही बार यकीन होता है कि हम किसी भी जटिल...
महावीर सिंह जगवान हंस फाउण्डेशन, सम्मानीय भोले महाराज जी और माता मंगला जी द्वारा निर्मित एक सौ पचास बैड के...
वीरेन्द्र कुमार पैन्यूली सौ दिन पर हुई थी सौ बातें, परन्तु इन्हे तो आत्म विश्लेषण का क्षण होना था आत्म...
मनोज रावत अपने ही बूते पर आगे बढ़ने का संकल्प। 9 नवम्बर को सबकी तरह हमें भी कंही न कंही तो...
महावीर सिंह जगवान उत्तराखण्ड मे उत्तराखण्ड उदय की धूम है, नेताऔं के चेहरे पर मुस्कान है, अफसरों के ठाट बाट...
रमेश पाण्डेय जब उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन निर्णायक दौर की ओर अग्रसर हो रहा था (more…)
व्योमेश जुगरान खतलिंग में हम उस पर्वत की गोद में थे जो गंगी से ही लगातार हमें लुभा रहा था।...
व्योमेश जुगरान गंगी से सुबह जल्द चले। अगला पड़ाव खरसोली यहां से करीब 10 किमी के फासले पर है। यह...
रमेश पाण्डेय मुझे तो याद नही है कि पहाड़ को बचाने की कोई ईमानदार पहल इन 17 सालों में...
व्योमेश जुगरान पहाड़ में धान कटाई का मौसम है। भिलंगना घाटी, टेहरी के इन खेतों /सेरों में भांति भांति के...
अरुण कुकसाल किताब के खुलते ही हस्ताक्षर के साथ 12/12/94 की तिथि और कोटद्वार अंकित है। (more…)
व्योमेश जुगरान सुबह-सुबह पौड़ी से भाई ललित मोहन कोठियाल से फोन पर मिली इस खबर पर क्या कहा जाए कि...
मथुरा दत्त मठपाल पिछले पंद्रह – बीस वर्षों के अंतराल में गढ़वाली /कुमाउनी भाषाओँ के काव्य रचना कर्म में बड़ा...
महावीर सिंह जगवान हिन्दू धर्म मे एक सर्व स्वीकार्य मान्यता है स्वर्ग मे देवता रहते हैं वहाँ सभी प्रसन्नचित भोग...
अरुण कुकसाल यहां के जंगलों में रिक्ख होते हैं और रिक्ख बाघ से भी खतरनाक होता है. (more…)